जोधपुर में म्यूल अकाउंट गैंग का भंडाफोड़, 70 लाख की ठगी
कमीशन के लालच में युवाओं ने ठगों को दिए बैंक खाते, 70 लाख की ठगी
जोधपुर: जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर थाने ने म्यूल अकाउंट नेटवर्क का बड़ा भंडाफोड़ किया है। कमीशन के लालच में साइबर ठगों को अपने बैंक खाते किराए पर देने वाले चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के खातों में देश के 8 राज्यों से करीब 70 लाख रुपए की ठगी की रकम आई थी।
कैसे काम करता था पूरा नेटवर्क
एडीसीपी (साइबर सेल) धन्नाराम ने बताया कि यह नेटवर्क बेहद शातिर तरीके से काम करता था। असली साइबर ठग मजदूर और निम्न आय वर्ग के युवाओं को निशाना बनाते थे। उन्हें 15 से 20 हजार रुपए का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और पासबुक अपने कब्जे में ले लेते थे।
जब भी किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती, तो सबसे पहले पैसा इन किराये के खातों में ट्रांसफर किया जाता था। इसके बाद ठग एटीएम और सिम कार्ड की मदद से तुरंत पैसा निकाल लेते थे।
चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने बलदेव नगर निवासी फरदीन खान (20), मधुबन हाउसिंग बोर्ड निवासी हिमांशु यादव (21), कागा कॉलोनी निवासी देव कंडारा (20) और किला रोड निवासी रोहित पंडित (20) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को कोर्ट से रिमांड पर लिया गया है।
70 लाख रुपए का लेन-देन सामने आया
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि फरदीन खान के खातों में 33 लाख रुपए, हिमांशु यादव के खाते में 19 लाख रुपए और देव कंडारा के खाते में 14.50 लाख रुपए का लेन-देन हुआ।
देव कंडारा ने पूछताछ में बताया कि उसने अपना खाता रोहित पंडित को भी दिया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार किया।
8 राज्यों में 15 शिकायतें दर्ज
जांच में पता चला कि इन खातों का उपयोग 'फर्स्ट लेयर' के रूप में किया गया था। आरोपियों के खिलाफ तमिलनाडु, तेलंगाना, दिल्ली, गोवा, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात और केरल में कुल 15 शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस की अपील
जोधपुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, सिम कार्ड या अन्य दस्तावेज किसी भी लालच में आकर किसी को न दें। ऐसा करने पर आप भी अपराध में शामिल माने जाएंगे और आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
