बारां/शाहाबाद: जिले के शाहाबाद क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले एक कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। राज्य सरकार के निर्देश पर संबंधित कर्मचारी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
कैसे सामने आया मामला?
जानकारी के अनुसार केलवाड़ा थाना क्षेत्र के महोदरा गांव निवासी कमल किशोर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय शाहाबाद में जूनियर अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत था। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि उसने नौकरी प्राप्त करने के लिए फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र का उपयोग किया था।
जांच में हुआ खुलासा
मामले की जांच के दौरान दस्तावेजों की सत्यता पर संदेह होने के बाद विस्तृत जांच कराई गई। जांच में प्रमाण पत्र में गड़बड़ी और असत्य जानकारी सामने आई। इसके बाद उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई।
सरकार ने की सख्त कार्रवाई
जांच रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारी की सेवा समाप्त करने के आदेश जारी कर दिए। यह कदम सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
अधिकारी ने दी जानकारी
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रहीमुद्दीन उस्मानी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्ती बरती जाएगी।
विभाग में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। अन्य कर्मचारियों के दस्तावेजों की भी जांच किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
निष्कर्ष
यह मामला सरकारी नौकरियों में फर्जी दस्तावेजों के उपयोग पर एक सख्त संदेश देता है। प्रशासन अब ऐसे मामलों को लेकर अधिक सतर्क नजर आ रहा है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।