अभाविप अंता द्वारा बप्पा रावल नगर खेल कुंभ के तहत रोमांचक कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया

 अंता - अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अंता इकाई द्वारा बप्पा रावल खेल महाकुंभ अभियान के अंतर्गत काचरी में भव्य कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। ग्रामीण अंचल में खेल प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों, कार्यकर्ताओं और खेल प्रेमियों की उपस्थिति रही। पूरे मैदान में देशभक्ति, अनुशासन और खेल भावना का वातावरण बना रहा।

अभाविप अंता द्वारा  बप्पा रावल नगर खेल कुंभ के तहत रोमांचक कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया

कार्यक्रम के दौरान खेलो भारत संयोजक प्रवीण शर्मा ने उपस्थित खिलाड़ियों और युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि बप्पा रावल के नाम पर इस खेल महाकुंभ का आयोजन इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वे पराक्रम, त्याग, स्वाभिमान और मातृभूमि की रक्षा के प्रतीक रहे हैं। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर युवाओं को शारीरिक रूप से सशक्त, मानसिक रूप से सजग और राष्ट्र के प्रति समर्पित बनने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि खेल केवल शरीर को मजबूत नहीं बनाते, बल्कि चरित्र निर्माण का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं।


नगर मंत्री अर्जुन सिंह ने खिलाड़ियों को प्रबोधन देते हुए कहा कि मैदान में उतरने वाला हर खिलाड़ी अपने गांव, अपने समाज और अपने राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करता है। जीत और हार खेल का हिस्सा हैं, लेकिन अनुशासन, परिश्रम और टीम भावना ही सच्ची सफलता की पहचान है। उन्होंने युवाओं से नशामुक्त, स्वस्थ और संगठित भारत के निर्माण में आगे आने का आह्वान किया।


प्रतियोगिता में काचरी और बंबुलियाकला की टीमों ने जोश और दमखम के साथ भाग लिया। दोनों टीमों के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसे देखने के लिए उपस्थित दर्शकों ने खिलाड़ियों का लगातार उत्साह बढ़ाया। शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए काचरी की टीम विजेता बनी। विजेता टीम को स्वर्ण पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं बंबुलियाकला की टीम उपविजेता रही, जिन्हें सिल्वर मेडल देकर सम्मानित किया गया।


अंत में सभी खिलाड़ियों का आभार व्यक्त किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम ने युवाओं में खेल के प्रति नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार किया। परिषद पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और राष्ट्र निर्माण की भावना और मजबूत होगी।


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