अंता| क्षेत्र की कृषि उपज मंडी में गेहूं की तुलाई नहीं होने से किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। लंबे समय से अपनी उपज लेकर मंडी में बैठे किसान जब तुलाई नहीं होने से परेशान हो गए तो उन्होंने विरोध प्रदर्शन करते हुए मंडी के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
तुलाई बंद होने से बढ़ी किसानों की परेशानी
किसानों का कहना है कि वे कई दिनों से अपनी गेहूं की फसल लेकर मंडी में आ रहे हैं, लेकिन तुलाई की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उनकी उपज नहीं तौली जा रही है। इससे न केवल उनकी मेहनत पर असर पड़ रहा है, बल्कि आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है।
किसानों ने आरोप लगाया कि मंडी प्रशासन इस समस्या को लेकर पूरी तरह बेखबर बना हुआ है और उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं किया जा रहा है।
मंडी गेट पर जड़ा ताला, किया विरोध प्रदर्शन
स्थिति से नाराज किसानों ने सामूहिक रूप से मंडी के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
किसानों का कहना है कि जब तक उनकी फसल की तुलाई शुरू नहीं होगी, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
प्रशासन की चुप्पी से बढ़ा आक्रोश
घटना के दौरान प्रशासन की ओर से कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे किसानों का गुस्सा और बढ़ गया। किसानों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
समाधान की मांग
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मंडी में तुलाई की व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए, अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था की जाए और किसानों को समय पर उनकी उपज का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
वहीं स्थानीय लोगों का भी मानना है कि इस तरह की समस्याएं हर साल सामने आती हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन किसानों की इस समस्या का समाधान कब तक करता है और मंडी में स्थिति कब सामान्य होती है।
