श्रीगंगानगर: राजस्थान सरकार ने मंगलवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 65 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल में 25 जिलों के कलेक्टर भी शामिल हैं। इसी क्रम में श्रीगंगानगर जिले को नया कलेक्टर मिला है। डॉ. अमित यादव को श्रीगंगानगर का जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है, जबकि वर्तमान कलेक्टर डॉ. मंजू का तबादला कर उन्हें चित्तौड़गढ़ का जिला कलेक्टर बनाया गया है।
प्रशासनिक के साथ चिकित्सा क्षेत्र का अनुभव
डॉ. अमित यादव 2016 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। वे एमबीबीएस की पढ़ाई महार्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय से कर चुके हैं। चिकित्सा क्षेत्र की गहरी समझ के साथ उनके पास प्रशासनिक अनुभव भी है, जो उन्हें अन्य अधिकारियों से अलग बनाता है।
उनके पास स्वास्थ्य सेवाओं की बारीक समझ होने के कारण यह उम्मीद जताई जा रही है कि वे जिले में स्वास्थ्य योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों को और अधिक प्रभावी तरीके से लागू करेंगे।
कई बड़े जिलों में निभा चुके जिम्मेदारी
डॉ. यादव इससे पहले सीकर, नागौर और भरतपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में जिला कलेक्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। इन जिलों में उनके कार्यकाल को प्रभावी और परिणामदायक माना गया है।
अब श्रीगंगानगर जैसे सीमावर्ती जिले में उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां प्रशासनिक सतर्कता और विकास कार्यों का विशेष महत्व होता है।
डॉ. मंजू को चित्तौड़गढ़ की जिम्मेदारी
श्रीगंगानगर की वर्तमान कलेक्टर डॉ. मंजू का तबादला कर उन्हें चित्तौड़गढ़ जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वे भी 2016 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
चित्तौड़गढ़ में उनकी नई जिम्मेदारी को लेकर प्रशासनिक हलकों में सकारात्मक उम्मीदें जताई जा रही हैं।
ग्रामीण पृष्ठभूमि से आईएएस बनने तक का सफर
डॉ. मंजू का जीवन सफर काफी प्रेरणादायक रहा है। उनका जन्म 10 जुलाई 1986 को झुंझुनू जिले के अलसीसर गांव के पास एक छोटी ढाणी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल से प्राप्त की।
इसके बाद उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की। साथ ही गुरु तेग बहादुर मेडिकल कॉलेज से स्त्री रोग एवं प्रसूति में एमएस और डीएनबी की डिग्री हासिल की।
डॉक्टर से आईएएस बनने तक की कहानी
डॉ. मंजू ने पहले एक स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में सेवाएं दीं। चिकित्सा क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने समाज में व्यापक स्तर पर बदलाव लाने का लक्ष्य तय किया और आईएएस बनने का निर्णय लिया।
उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 2016 में 59वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई। अब चित्तौड़गढ़ में उनकी नई पारी शुरू होने जा रही है, जहां उनके अनुभव का लाभ जिले के प्रशासन को मिलेगा।
राजस्थान सरकार के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को शासन-प्रशासन में नई ऊर्जा और बेहतर कार्यप्रणाली के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में इसका असर जिलों के विकास कार्यों में देखने को मिल सकता है।