अजमेर में चेटीचंड जुलूस की भव्य शुरुआत, युवाओं का उत्साह चरम परभव्य शोभायात्रा और झांकियों का आकर्षण
अजमेर में इस वर्ष चेटीचंड जुलूस बड़े ही धूमधाम और धार्मिक उत्साह के साथ निकाला गया। दिल्ली गेट स्थित पूज्य लाल साहिब मंदिर से शोभायात्रा की शुरुआत हुई, जो पूरे शहर में लगभग 9 किलोमीटर लंबे मार्ग से होकर गुजरेगी। इस भव्य जुलूस में 45 से अधिक आकर्षक झांकियां शामिल हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
चेटीचंड जुलूस में इस बार भी भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की भीड़ उमड़ने लगी थी। ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों की धुन पर पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। सिंधी समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में नाचते-गाते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए।
इस शोभायात्रा का सबसे विशेष आकर्षण पाकिस्तान के सिंध से भारत-पाक विभाजन के समय लाई गई अखंड ज्योत रही, जिसके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यह ज्योत सिंधी समाज की आस्था, इतिहास और परंपरा का जीवंत प्रतीक मानी जाती है और हर वर्ष विशेष श्रद्धा के साथ शोभायात्रा में शामिल की जाती है।
युवाओं का जोश और सांस्कृतिक एकता
इस धार्मिक आयोजन में कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों की उपस्थिति भी देखने को मिली। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने शोभायात्रा में शामिल होकर श्रद्धालुओं के साथ नृत्य किया और उत्साह बढ़ाया। वहीं अजमेर दक्षिण विधायक अनिता भदेल भी इस अवसर पर मौजूद रहीं। आयोजन समिति ने सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए 150 से अधिक स्वयंसेवकों को तैनात किया।
युवाओं का जोश इस बार विशेष रूप से देखने को मिला। कई युवाओं ने क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की जीत का जश्न मनाते हुए टीम इंडिया की ड्रेस पहनकर डांस किया। इससे पूरा माहौल और भी रंगीन और उत्साहपूर्ण हो गया। एक झांकी में भगवान झूलेलाल को मछली पर विराजमान कर अत्यंत सुंदर और आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।
पूरे मार्ग में जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का फूलों और पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। शहर के कई हिस्सों में श्रद्धालुओं के लिए जलपान और प्रसाद की व्यवस्था भी की गई। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के स्थानीय नेताओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को और अधिक व्यापक स्वरूप प्रदान किया।
सिंधी समाज के लोग पारंपरिक गीतों और भक्ति संगीत पर झूमते हुए शोभायात्रा में शामिल रहे। यह आयोजन केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सौहार्द का भी प्रतीक बनकर सामने आया है। हर वर्ष चेटीचंड पर्व पर आयोजित यह जुलूस अजमेर शहर की पहचान बनता जा रहा है और बड़ी संख्या में लोग इसे देखने के लिए उमड़ते हैं।
