भाटीजी बच्चे की मासूमियत पर फिदा, वीडियो कॉल बना चर्चा का विषय
अजमेर: कहते हैं कि सच्ची भावनाएं और मासूमियत दिल को सीधे छू जाती हैं। कुछ ऐसा ही देखने को मिला अजमेर में, जहां एक छोटे बच्चे की मासूम हरकत ने सबका दिल जीत लिया। बच्चे ने खेल-खेल में अपने टिफिन को ही स्विमिंग पूल बना दिया और उसका उद्घाटन कराने के लिए विधायक को फोन करने का नाटक किया।
खेल-खेल में बना दिया टिफिन को स्विमिंग पूल
बच्चे ने अपने टिफिन बॉक्स में पानी भरकर उसे स्विमिंग पूल का रूप दे दिया। इसके बाद उसने पूरी मासूमियत से एक वीडियो बनाया, जिसमें वह किसी बड़े नेता को फोन करके अपने "पूल" का उद्घाटन कराने की बात करता नजर आया।
उसकी बातों में इतनी सच्चाई और मासूमियत थी कि देखने वाले भी मुस्कुरा उठे।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
बच्चे का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोग इस वीडियो को खूब शेयर करने लगे और बच्चे की कल्पनाशीलता व मासूमियत की तारीफ करने लगे।
वीडियो इतना ज्यादा वायरल हुआ कि यह बाड़मेर के शिव से निर्दलीय विधायक 0 तक भी पहुंच गया।
भाटीजी ने किया वीडियो कॉल
जब यह वीडियो विधायक तक पहुंचा, तो वे भी बच्चे की मासूमियत से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने बच्चे का पता लगवाया और खुद उससे वीडियो कॉल पर बात की।
वीडियो कॉल के दौरान भाटीजी ने बच्चे से मुस्कुराते हुए पूछा, “तो स्विमिंग पूल तैयार हो गया?”
इस पर बच्चे ने बड़ी ही खुशी से जवाब दिया, “हां।”
इसके बाद विधायक ने मजाकिया अंदाज में कहा, “तो बताओ, मैं उद्घाटन करने कब आऊं?”
दिल छू लेने वाला संवाद बना चर्चा का विषय
यह पूरा संवाद सोशल मीडिया पर लोगों को खूब पसंद आ रहा है। विधायक का यह व्यवहार दर्शाता है कि वे आम लोगों, खासकर बच्चों से कितनी आत्मीयता रखते हैं।
लोग इस वीडियो को देखकर भावुक भी हो रहे हैं और खुशी भी जाहिर कर रहे हैं।
मासूमियत ने जीता सबका दिल
आज के डिजिटल दौर में जहां अधिकतर खबरें तनाव और विवादों से भरी होती हैं, वहीं इस तरह की मासूम घटनाएं लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला देती हैं।
इस छोटे से बच्चे की कल्पना और सादगी ने यह साबित कर दिया कि खुशियां छोटी-छोटी बातों में भी छिपी होती हैं।
निष्कर्ष
अजमेर के इस बच्चे और भाटीजी के बीच हुआ यह संवाद केवल एक वीडियो नहीं, बल्कि एक खूबसूरत एहसास है, जो यह सिखाता है कि सच्ची भावनाओं की कोई सीमा नहीं होती।
यह कहानी आज सोशल मीडिया पर इसलिए खास बन गई है, क्योंकि इसमें राजनीति से ज्यादा इंसानियत और अपनापन नजर आता है।
